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आपदा से निपटने की तैयारी तेज, एम्स पटना में 'भिष्म क्यूब' पर बहु-एजेंसी टेबलटॉप अभ्यास

-आपदा के समय त्वरित इलाज, मरीजों की निकासी और एजेंसियों के समन्वय पर हुआ मंथन


पटना। आपदा के दौरान त्वरित और समन्वित चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एम्स पटना में शुक्रवार को 'भिष्म क्यूब' के प्रस्तावित बहु-एजेंसी मॉक ड्रिल की तैयारियों को लेकर टेबलटॉप अभ्यास आयोजित किया गया। इसमें स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन, पुलिस, अग्निशमन, एनडीआरएफ, एयरपोर्ट अथॉरिटी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
अभ्यास के दौरान प्रतिभागियों को 'भिष्म क्यूब' की कार्यप्रणाली से अवगत कराया गया और बताया गया कि सामूहिक दुर्घटनाओं एवं आपदा की स्थिति में गंभीर घायलों के उपचार, संसाधनों के बेहतर उपयोग और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय में यह प्रणाली किस तरह प्रभावी साबित होगी।
एम्स पटना के ट्रॉमा सर्जरी विभागाध्यक्ष एवं कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. अनिल कुमार ने काल्पनिक आपदा परिदृश्य प्रस्तुत करते हुए मरीजों के उपचार, सुरक्षित निकासी और संसाधन प्रबंधन की रणनीति साझा की। उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए बेहतर तैयारी और सभी एजेंसियों के बीच मजबूत तालमेल जरूरी है।
बैठक में 22 अगस्त 2026 को रोहतास के करमचट बांध में प्रस्तावित पूर्ण पैमाने की बहु-एजेंसी मॉक ड्रिल को सफल बनाने पर सहमति बनी। एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल और चिकित्सा अधीक्षक प्रो. (डॉ.) प्रशांत कुमार सिंह ने कहा कि आपदा प्रबंधन में संसाधनों के साथ-साथ समय पर समन्वित कार्रवाई सबसे अहम होती है। उन्होंने मॉक ड्रिल के सफल आयोजन के लिए हरसंभव तकनीकी और संस्थागत सहयोग देने का भरोसा दिया।