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एम्स पटना में शुरू हुआ अत्याधुनिक सर्जिकल आईसीयू, गंभीर ऑपरेशन के मरीजों को अब मिलेगी 24 घंटे विशेषज्ञ निगरानी

विश्वस्तरीय पोस्ट-ऑपरेटिव केयर, बेहतर रिकवरी और चिकित्सा शिक्षा-रिसर्च को मिलेगा बढ़ावा, बिहार समेत आसपास के राज्यों के मरीजों को होगा लाभ

पटना (टीएचटी) । अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) पटना ने स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती देते हुए सामान्य शल्य चिकित्सा विभाग के अंतर्गत अत्याधुनिक सर्जिकल इंटेंसिव केयर यूनिट (सर्जिकल आईसीयू) का शुभारंभ किया है। गुरुवार को शुरू हुई यह सुविधा जटिल ऑपरेशन के बाद गंभीर मरीजों को 24 घंटे विशेषज्ञ निगरानी, उन्नत जीवनरक्षक उपकरणों और बहु-विषयक चिकित्सा विशेषज्ञों की समन्वित देखभाल उपलब्ध कराएगी। इससे बिहार सहित आसपास के राज्यों के मरीजों को विश्वस्तरीय पोस्ट-ऑपरेटिव एवं क्रिटिकल केयर सेवाओं का लाभ मिलेगा।

सर्जिकल आईसीयू का उद्घाटन एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रशांत कुमार सिंह, सामान्य शल्य चिकित्सा विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) मनोज कुमार, डीन (अकादमिक) प्रो. (डॉ.) पूनम भदानी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ चिकित्सक, रेजिडेंट डॉक्टर, नर्सिंग अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा में सफल ऑपरेशन के साथ उच्च गुणवत्ता वाली पोस्ट-ऑपरेटिव क्रिटिकल केयर भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह नई इकाई मरीजों की सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण उपचार और बेहतर स्वास्थ्य परिणाम सुनिश्चित करने की दिशा में एम्स पटना की महत्वपूर्ण पहल है।

चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रशांत कुमार सिंह ने इसे संस्थान की बढ़ती चिकित्सीय क्षमताओं और टीमवर्क का प्रतीक बताया। वहीं विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) मनोज कुमार ने कहा कि यह आईसीयू विशेष रूप से उन मरीजों के लिए तैयार किया गया है, जिन्हें जटिल शल्य चिकित्सा के बाद गहन निगरानी और विशेषज्ञ उपचार की आवश्यकता होती है।

डीन (अकादमिक) प्रो. (डॉ.) पूनम भदानी ने कहा कि इस तरह की आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मरीजों के उपचार के साथ-साथ चिकित्सा शिक्षा, नर्सिंग प्रशिक्षण और क्लिनिकल रिसर्च को भी नई दिशा देंगी।

अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित इस सर्जिकल आईसीयू में निरंतर मरीज निगरानी, उन्नत वेंटिलेटरी सपोर्ट, संक्रमण नियंत्रण आधारित उपचार प्रणाली और बहु-विषयक क्रिटिकल केयर सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां प्रमुख उदर, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल, ट्रॉमा, एंडोक्राइन, वैस्कुलर समेत अन्य जटिल सर्जरी कराने वाले मरीजों का विशेषज्ञों की निगरानी में इलाज होगा। संस्थान का मानना है कि इससे पोस्ट-ऑपरेटिव जटिलताओं में कमी आएगी, मरीजों की रिकवरी बेहतर होगी और उपचार के परिणाम अधिक प्रभावी होंगे।