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मुजफ्फरपुर में PNG पाइपलाइन में भीषण विस्फोट, आग की चपेट में आए 10 घर, एक की मौत, कई घायल
-जेसीबी से नाला निर्माण के दौरान भूमिगत गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से हुआ हादसा, स्थानीय लोगों ने डेढ़ से दो घंटे तक गैस रिसाव के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का लगाया आरोप
-धमाके में थार समेत कई वाहन जलकर राख, मकानों और दुकानों को भारी नुकसान; प्रशासन ने शुरू की जांच, लापरवाही मिलने पर कार्रवाई का भरोसा
मुजफ्फरपुर (टीएचटी संवाददाता) । मुजफ्फरपुर के गोबरसही-डुमरी इलाके में सोमवार को नाला निर्माण के दौरान भूमिगत पीएनजी गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से भीषण हादसा हो गया। जेसीबी से खुदाई के दौरान पाइपलाइन टूटने के बाद गैस का रिसाव शुरू हो गया। कुछ देर बाद गैस में आग लगने से जोरदार विस्फोट हुआ। धमाके के बाद आसपास के इलाके में आग फैल गई। हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। घायलों की संख्या 10 से अधिक बताई जा रही है।
विस्फोट की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आसपास के करीब दस मकान आग की चपेट में आ गए। आग में एक थार एसयूवी, डाक विभाग की पार्सल वैन और कई दोपहिया वाहन जलकर क्षतिग्रस्त हो गए। नाला निर्माण में लगी जेसीबी मशीन भी आग की भेंट चढ़ गई। धमाके के बाद इलाके में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। लोग अपने घरों से निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। कई मकानों की दीवारों और अन्य हिस्सों को भी नुकसान पहुंचा है।
स्थानीय लोगों ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
हादसे के बाद स्थानीय निवासियों ने निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि खुदाई के दौरान पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के बाद काफी देर तक गैस निकलती रही, लेकिन समय रहते रिसाव रोकने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक करीब डेढ़ से दो घंटे तक गैस का रिसाव जारी रहा। इसके बाद अचानक विस्फोट हो गया।
हादसे में क्षतिग्रस्त हुए मकान के मालिक प्रमोद कुमार ने बताया कि उन्होंने पहले ही जेसीबी कर्मियों को खुदाई नहीं करने की चेतावनी दी थी। इसके बावजूद सुबह दोबारा खुदाई शुरू कर दी गई। गैस निकलती देख परिवार के लोग घर से बाहर आ गए। उनका कहना है कि यदि वे समय रहते बाहर नहीं निकलते तो परिवार के सदस्यों की जान भी जा सकती थी। प्रमोद के मुताबिक उन्होंने दो साल पहले बैंक से कर्ज लेकर मकान और दुकान तैयार कराई थी, जो इस हादसे में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
स्थानीय निवासी चंदन कुमार ने भी निर्माण कार्य की निगरानी में लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जेसीबी चालक को भूमिगत गैस पाइपलाइन के बारे में उचित जानकारी देने की व्यवस्था नहीं थी। गैस रिसाव के दौरान सुरक्षा के जरूरी इंतजाम नहीं किए गए। वहीं राजकुमार कुमार ने बताया कि आसपास के चार मकानों को काफी नुकसान पहुंचा है। आग की लपटों ने कई घरों को अपनी चपेट में ले लिया।
एक अन्य स्थानीय निवासी विवेक कुमार ने दावा किया कि पाइपलाइन से लंबे समय तक गैस निकलती रही, लेकिन संबंधित एजेंसियों की ओर से तत्काल कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना था कि समय रहते गैस की आपूर्ति बंद कर दी जाती तो हादसे की गंभीरता कम हो सकती थी।
दमकल की तीन गाड़ियों ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। दमकल की तीन गाड़ियों की मदद से आग बुझाने का अभियान चलाया गया। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। प्रशासन और संबंधित एजेंसियों ने गैस पाइपलाइन की आपूर्ति बंद कराकर राहत एवं बचाव कार्य तेज किया।
जिला अग्निशमन पदाधिकारी प्रज्ञा शरण के अनुसार, दोपहर 12 बजकर 24 मिनट पर विभाग को घटना की जानकारी मिली थी। इसके तीन मिनट के भीतर अग्निशमन विभाग की गाड़ी मौके पर पहुंच गई। उन्होंने एक व्यक्ति की मौत और तीन घायलों को अस्पताल पहुंचाए जाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पाइपलाइन का कनेक्शन काट दिया गया था और आसपास की इमारतों में लगी आग पर भी काबू पा लिया गया। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।
वहीं एसडीएम उत्सव आनंद ने बताया कि गैस रिसाव के कारण विस्फोट हुआ है। घायलों का अस्पताल में उपचार चल रहा है और दमकल की टीमों ने आग पर काबू पा लिया है। घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
मंत्री ने दिए जांच और सहायता के निर्देश
मुजफ्फरपुर के सांसद एवं केंद्रीय जलशक्ति राज्य मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी निषाद ने हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। साथ ही घायलों को बेहतर इलाज और प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने को कहा।
मंत्री ने घटना की निष्पक्ष जांच कराने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जांच में यदि सुरक्षा नियमों की अनदेखी या किसी अधिकारी अथवा एजेंसी की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल हादसे के बाद इलाके में नुकसान का आकलन और घटना के वास्तविक कारणों की पड़ताल की जा रही है।